आज की आयत और हदीस

बुधवार, 28 अक्टूबर 2026

AH 17 जुम्डा प्रथम 1448

हर रोज़ एक नई आयत और एक हदीस, जो आपके यहाँ आधी रात को बदलती है। हर टेक्स्ट अपने स्रोत से लिया गया है, हवाले के साथ।

आज की आयत

ٱسْتَجِيبُوا۟ لِرَبِّكُم مِّن قَبْلِ أَن يَأْتِىَ يَوْمٌ لَّا مَرَدَّ لَهُۥ مِنَ ٱللَّهِ ۚ مَا لَكُم مِّن مَّلْجَإٍ يَوْمَئِذٍ وَمَا لَكُم مِّن نَّكِيرٍ

अपने पालनहार का निमंत्रण स्वीकार करो, इससे पहले कि वह दिन आए, जिसे अल्लाह की ओर से टलना नहीं। उस दिन तुम्हारे लिए न कोई शरण स्थल होगा और न तुम्हारे लिए इनकार का कोई रास्ता होगा।

Surah Ash-Shuraa 42:47 Azizul Haq Al-Omari

आज की हदीस

अबू ज़र जुन्दुब बिन जुनादा तथा अबू अब्दुर रहमान मुआज़ बिन जबल रज़ियल्लाहु अन्हुमा का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया है :

«اتَّقِ اللَّهَ حَيْثُمَا كُنْت، وَأَتْبِعْ السَّيِّئَةَ الْحَسَنَةَ تَمْحُهَا، وَخَالِقْ النَّاسَ بِخُلُقٍ حَسَنٍ».

“जहाँ कहीं भी रहो, अल्लाह से डरते रहो, बुरे कर्म के बाद अच्छे कर्म कर लिया करो, अच्छे कर्म बुरे कर्म को मिटा देंगे तथा लोगों के साथ उत्तम आचरण वाला व्यवहार करो।”

Al-Arba‘oon An-Nawawiyyah (The Forty Hadith of An-Nawawiyyah) 18 इमाम तिर्मिज़ी कहते हैं कि : यह ह़दीस़ ह़सन है। · इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है

कम सुनी गई

आयत

قُلْ مَا يَعْبَؤُا۟ بِكُمْ رَبِّى لَوْلَا دُعَآؤُكُمْ ۖ فَقَدْ كَذَّبْتُمْ فَسَوْفَ يَكُونُ لِزَامًۢا

(ऐ नबी!) कह दें : मेरे पालनहार को तुम्हारी कोई परवाह नहीं, यदि तुम (उसे) न पुकारो। क्योंकि निश्चय ही तुमने झुठलाया है, तो शीघ्र (उसका परिणाम) आ जाएगा।

Surah Al-Furqan 25:77 Azizul Haq Al-Omari

स्रोत: HadeethEnc.com (hadith, translations and gradings, unchanged) · Tanzil (Quran text) · QuranEnc.com (Quran translations)

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