आज की आयत और हदीस
शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026
AH 19 जुम्डा प्रथम 1448
हर रोज़ एक नई आयत और एक हदीस, जो आपके यहाँ आधी रात को बदलती है। हर टेक्स्ट अपने स्रोत से लिया गया है, हवाले के साथ।
आज की आयत
نَّحْنُ نَقُصُّ عَلَيْكَ نَبَأَهُم بِٱلْحَقِّ ۚ إِنَّهُمْ فِتْيَةٌ ءَامَنُوا۟ بِرَبِّهِمْ وَزِدْنَـٰهُمْ هُدًى हम आपसे उनका हाल ठीक-ठीक बयान करते हैं। निःसंदेह, वे कुछ युवक थे, जो अपने पालनहार पर ईमान लाए और हमने उन्हें हिदायत में अधिक कर दिया।
Surah Al-Kahf 18:13 Azizul Haq Al-Omari
आज की हदीस
أَنَّهُمْ قَالُوا: يَا رَسُولَ اللَّهِ، إِنَّا نَأْكُلُ وَلَا نَشْبَعُ، قَالَ: «فَلَعَلَّكُمْ تَأْكُلُونَ مُتَفَرِّقِينَ؟» قَالُوا: نَعَمْ. قَالَ: «فَاجْتَمِعُوا عَلَى طَعَامِكُمْ، وَاذْكُرُوا اسْمَ اللَّهِ عَلَيْهِ، يُبَارَكْ لَكُمْ فِيهِ». वहशी बिन हर्ब- रज़ियल्लाहु अन्हु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के कुछ साथियों ने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल! हम खाते हैं लेकिन संतुष्ट नहीं होते? आपने कहाः शायद तुम अलग-अलग खाते हो? उन्होंने कहाः हाँ! फ़रमायाः एक साथ जमा होकर खाओ और अल्लाह का नाम लो, तुम्हारे खाने में बरकत दी जाएगी।
Sunan Ibn Mājah 3764 ह़सन · इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है । - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।
कम सुनी गई
आयत
يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ ٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَءَامِنُوا۟ بِرَسُولِهِۦ يُؤْتِكُمْ كِفْلَيْنِ مِن رَّحْمَتِهِۦ وَيَجْعَل لَّكُمْ نُورًا تَمْشُونَ بِهِۦ وَيَغْفِرْ لَكُمْ ۚ وَٱللَّهُ غَفُورٌ رَّحِيمٌ ऐ लोगो जो ईमान लाए हो! अल्लाह से डरो और उसके रसूल पर ईमान लाओ, वह तुम्हें अपनी दया का दोहरा हिस्सा प्रदान करेगा। और तुम्हें ऐसा प्रकाश देगा, जिसमें तुम चलोगे। तथा तुम्हें क्षमा कर देगा। और अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।
Surah Al-Hadid 57:28 Azizul Haq Al-Omari
स्रोत: HadeethEnc.com (hadith, translations and gradings, unchanged) · Tanzil (Quran text) · QuranEnc.com (Quran translations)
शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026पिछले दिन
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