سورة الكافرون
सूरह काफ़िरून हिंदी में
इनकार करने वाले
- 109
- 6 आयतें
- मक्की
- पारा 30
- पन्ना 603
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सूरह काफ़िरून (الكافرون) क़ुरआन की 109वीं सूरह है और इसमें 6 आयतें हैं। इसके नाम का मतलब "इनकार करने वाले" है। यह मक्की सूरह है और पारा 30 में है।
इस पन्ने पर आप सूरह काफ़िरून का पूरा अरबी पाठ मौलाना अज़ीज़ुल हक़ उमरी के हिंदी तर्जुमे और रोमन उच्चारण के साथ आयत-दर-आयत पढ़ सकते हैं और तिलावत सुन सकते हैं।
मुकम्मल सूरह काफ़िरून: अरबी, हिंदी तर्जुमा और रोमन उच्चारण
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
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قُلْ يَـٰٓأَيُّهَا ٱلْكَـٰفِرُونَ١
Qul ya ayyuha alkafiroona
(ऐ नबी!) आप कह दीजिए : ऐ काफ़िरो!
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لَآ أَعْبُدُ مَا تَعْبُدُونَ٢
La aʿbudu ma taʿbudoona
मैं उसकी इबादत नहीं करता, जिसकी तुम इबादत करते हो।
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وَلَآ أَنتُمْ عَـٰبِدُونَ مَآ أَعْبُدُ٣
Wala antum ʿabidoona ma aʿbudu
और न तुम उसकी इबादत करने वाले हो, जिसकी मैं इबादत करता हूँ।
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وَلَآ أَنَا۠ عَابِدٌ مَّا عَبَدتُّمْ٤
Wala ana ʿabidun ma ʿabadtum
और न मैं उसकी इबादत करने वाला हूँ, जिसकी इबादत तुमने की है।
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وَلَآ أَنتُمْ عَـٰبِدُونَ مَآ أَعْبُدُ٥
Wala antum ʿabidoona ma aʿbudu
और न तुम उसकी इबादत करने वाले हो, जिसकी मैं इबादत करता हूँ।
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لَكُمْ دِينُكُمْ وَلِىَ دِينِ٦
Lakum deenukum waliya deeni
तुम्हारे लिए तुम्हारा धर्म तथा मेरे लिए मेरा धर्म है।1
टिप्पणियाँ
[1] (1-6) पूरी सूरत का भावार्थ यह है कि इस्लाम में वही ईमान (विश्वास) मान्य है, जो पूर्ण तौह़ीद (एकेश्वर्वाद) के साथ हो, अर्थात अल्लाह के अस्तित्व तथा गुणों और उसके अधिकारों में किसी को साझी न बनाया जाए। क़ुरआन की शिक्षानुसार जो अल्लाह को नहीं मानता, और जो मानता है परंतु उसके साथ देवी-देवताओं को भी मानात है, तो दोनों में कोई अंतर नहीं। उसके विशेष गुणों को किसी अन्य में मानना उसको न मानने ही के बराबर है और दोनों ही काफ़िर हैं। (देखिए : उम्मुल किताब, मौलाना आज़ाद)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सूरह काफ़िरून के नाम का मतलब क्या है?
काफ़िरून का मतलब "इनकार करने वाले" है।
सूरह काफ़िरून किस पारे में है?
सूरह काफ़िरून पारा 30 में है।
सूरह काफ़िरून में कितनी आयतें हैं?
सूरह काफ़िरून में 6 आयतें हैं।
सूरह काफ़िरून मक्की है या मदनी?
सूरह काफ़िरून मक्की सूरह है।
सूरह काफ़िरून क़ुरआन की कौन-सी सूरह है?
यह क़ुरआन की 109वीं सूरह है।
स्रोत
- Arabic text: Tanzil Quran Text (Uthmani) (Tanzil Project, CC BY 3.0), reproduced without changes.
- Translation: Azizul Haq Al-Omari, from QuranEnc.com, version 1.1.5, reproduced without changes.
- Transliteration: Tanzil.net English transliteration.
- Recitation: Mishary Rashid Alafasy, via QuranicAudio.com and EveryAyah.com.
- Word by word: recordings and meanings from Quran.com (Quran Foundation), played when you tap a word.
- Madinah and IndoPak fonts (Settings): the text in those scripts and their fonts come from the Quran Foundation (Quran.com); the Madinah font is the King Fahd Glorious Quran Printing Complex's Uthmanic Hafs font.
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