سورة قريش

सूरह क़ुरैश हिंदी में

मुसहफ़

मिशारी राशिद अल-अफ़ासीMP3 डाउनलोड करें

सूरह क़ुरैश (قريش) क़ुरआन की 106वीं सूरह है और इसमें 4 आयतें हैं। यह मक्की सूरह है और पारा 30 में है।

इस पन्ने पर आप सूरह क़ुरैश का पूरा अरबी पाठ मौलाना अज़ीज़ुल हक़ उमरी के हिंदी तर्जुमे और रोमन उच्चारण के साथ आयत-दर-आयत पढ़ सकते हैं और तिलावत सुन सकते हैं।

मुकम्मल सूरह क़ुरैश: अरबी, हिंदी तर्जुमा और रोमन उच्चारण

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

  1. لِإِيلَـٰفِ قُرَيْشٍ۝١

    Lieelafi qurayshin

    क़ुरैश को मानूस कर देने के कारण।

  2. إِۦلَـٰفِهِمْ رِحْلَةَ ٱلشِّتَآءِ وَٱلصَّيْفِ۝٢

    Eelafihim rihlata alshshitai waalssayfi

    उन्हें जाड़े तथा गर्मी की यात्रा से मानूस कर देने के कारण।1

    टिप्पणियाँ
    [1] (1-2) गर्मी और जाड़े की यात्रा से अभिप्राय गर्मी के समय क़ुरैश की व्यपारिक यात्रा है, जो शाम और फ़लस्तीन की ओर होती थी। और जाड़े के समय वे दक्षिण अरब की यात्रा करते थे, जो गर्म क्षेत्र है।
  3. فَلْيَعْبُدُوا۟ رَبَّ هَـٰذَا ٱلْبَيْتِ۝٣

    Falyaʿbudoo rabba hatha albayti

    अतः उन्हें चाहिए कि इस घर (काबा) के मालिक की इबादत करें।2

    टिप्पणियाँ
    [2] इस घर से अभिप्राय काबा है। अर्थ यह है कि यह सुविधा उन्हें इसी घर के कारण प्राप्त हुई। और वह स्वयं यह मानते हैं कि 360 मूर्तियाँ उनकी रब नहीं हैं, जिनकी वे पूजा कर रहे हैं। उनका रब (पालनहार) वही है, जिसने उनको अबरहा के आक्रमण से बचाया। और उस युग में जब अरब की प्रत्येक दिशा में अशांति का राज्य था मात्र इसी घर के कारण इस नगर में शांति है। और तुम इसी घर के निवासी होने के कारण निश्चिंत होकर व्यापारिक यात्राएँ कर रहे हो, और सुख-सुविधा के साथ रहते हो। क्योंकि काबे के प्रबंधक और सेवक होने के कारण ही लोग क़ुरैश का आदर करते थे। तो उन्हें स्मरण कराया जा रहा है कि फिर तुम्हारा कर्तव्य है कि केवल उसी की उपासना करो।
  4. ٱلَّذِىٓ أَطْعَمَهُم مِّن جُوعٍ وَءَامَنَهُم مِّنْ خَوْفٍۭ۝٤

    Allathee atʿamahum min jooʿin waamanahum min khawfin

    जिसने उन्हें भूख में खिलाया तथा उन्हें भय से सुरक्षित किया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सूरह क़ुरैश किस पारे में है?

सूरह क़ुरैश पारा 30 में है।

सूरह क़ुरैश में कितनी आयतें हैं?

सूरह क़ुरैश में 4 आयतें हैं।

सूरह क़ुरैश मक्की है या मदनी?

सूरह क़ुरैश मक्की सूरह है।

सूरह क़ुरैश क़ुरआन की कौन-सी सूरह है?

यह क़ुरआन की 106वीं सूरह है।

स्रोत

  • Arabic text: Tanzil Quran Text (Uthmani) (Tanzil Project, CC BY 3.0), reproduced without changes.
  • Translation: Azizul Haq Al-Omari, from QuranEnc.com, version 1.1.5, reproduced without changes.
  • Transliteration: Tanzil.net English transliteration.
  • Recitation: Mishary Rashid Alafasy, via QuranicAudio.com and EveryAyah.com.
  • Word by word: recordings and meanings from Quran.com (Quran Foundation), played when you tap a word.
  • Madinah and IndoPak fonts (Settings): the text in those scripts and their fonts come from the Quran Foundation (Quran.com); the Madinah font is the King Fahd Glorious Quran Printing Complex's Uthmanic Hafs font.

Found a mistake? Report a mistake and we will check it against the source.

पढ़ने की सेटिंग्स

क़ुरआन का फ़ॉन्ट
अरबी का साइज़
100%
तर्जुमे का साइज़
100%
थीम