سورة الماعون

सूरह माऊन हिंदी में

छोटी-छोटी मदद

मुसहफ़

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सूरह माऊन (الماعون) क़ुरआन की 107वीं सूरह है और इसमें 7 आयतें हैं। इसके नाम का मतलब "छोटी-छोटी मदद" है। यह मक्की सूरह है और पारा 30 में है।

इस पन्ने पर आप सूरह माऊन का पूरा अरबी पाठ मौलाना अज़ीज़ुल हक़ उमरी के हिंदी तर्जुमे और रोमन उच्चारण के साथ आयत-दर-आयत पढ़ सकते हैं और तिलावत सुन सकते हैं।

मुकम्मल सूरह माऊन: अरबी, हिंदी तर्जुमा और रोमन उच्चारण

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

  1. أَرَءَيْتَ ٱلَّذِى يُكَذِّبُ بِٱلدِّينِ۝١

    Araayta allathee yukaththibu bialddeeni

    (ऐ नबी!) क्या आपने उसे देखा, जो बदले के दिन को झुठलाता है?

  2. فَذَٰلِكَ ٱلَّذِى يَدُعُّ ٱلْيَتِيمَ۝٢

    Fathalika allathee yaduʿʿu alyateema

    तो यही है, जो अनाथ (यतीम) को धक्के देता है।

  3. وَلَا يَحُضُّ عَلَىٰ طَعَامِ ٱلْمِسْكِينِ۝٣

    Wala yahuddu ʿala taʿami almiskeeni

    तथा ग़रीब को खाना खिलाने के लिए प्रोत्साहित नहीं करता है।1

    टिप्पणियाँ
    [1] (2-3) इन आयतों में उन काफ़िरों (अधर्मियों) की दशा बताई गई है जो परलोक का इनकार करते थे।
  4. فَوَيْلٌ لِّلْمُصَلِّينَ۝٤

    Fawaylun lilmusalleena

    तो विनाश है उन नमाज़ियों के लिए,2

    टिप्पणियाँ
    [2] इन आयतों में उन मुनाफ़िक़ों की दशा का वर्णन किया गया है, जो ऊपर से मुसलमान हैं परंतु उनके दिलों में परलोक और प्रतिकार का विश्वास नहीं है। इन दोनों प्रकारों के आचरण और स्वभाव को बयान करने से अभिप्राय यह बताना है कि इनसान में सदाचार की भावना परलोक पर विश्वास के बिना उत्पन्न नहीं हो सकती। और इस्लाम परलोक का सह़ीह विश्वास देकर इनसानों में अनाथों और ग़रीबों की सहायता की भावना पैदा करता है और उसे उदार तथा परोपकारी बनाता है।
  5. ٱلَّذِينَ هُمْ عَن صَلَاتِهِمْ سَاهُونَ۝٥

    Allatheena hum ʿan salatihim sahoona

    जो अपनी नमाज़ से लापरवाह हैं।

  6. ٱلَّذِينَ هُمْ يُرَآءُونَ۝٦

    Allatheena hum yuraoona

    वे जो दिखावा करते हैं।

  7. وَيَمْنَعُونَ ٱلْمَاعُونَ۝٧

    Wayamnaʿoona almaʿoona

    तथा साधारण बरतने की चीज़ भी माँगने से नहीं देते।3

    टिप्पणियाँ
    [3] आयत संख्या 7 में मामूली चाज़ के लिए 'माऊन' शब्द का प्रयोग हुआ है। जिसका अर्थ है साधारण माँगने के सामान जैसे पानी, आग, नमक, डोल आदि। और आयत का अभिप्राय यह है कि आख़िरत का इनकार किसी व्यक्ति को इतना तंगदिल बना देता है कि वह साधारण उपकार के लिए भी तैयार नहीं होता।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सूरह माऊन के नाम का मतलब क्या है?

माऊन का मतलब "छोटी-छोटी मदद" है।

सूरह माऊन किस पारे में है?

सूरह माऊन पारा 30 में है।

सूरह माऊन में कितनी आयतें हैं?

सूरह माऊन में 7 आयतें हैं।

सूरह माऊन मक्की है या मदनी?

सूरह माऊन मक्की सूरह है।

सूरह माऊन क़ुरआन की कौन-सी सूरह है?

यह क़ुरआन की 107वीं सूरह है।

स्रोत

  • Arabic text: Tanzil Quran Text (Uthmani) (Tanzil Project, CC BY 3.0), reproduced without changes.
  • Translation: Azizul Haq Al-Omari, from QuranEnc.com, version 1.1.5, reproduced without changes.
  • Transliteration: Tanzil.net English transliteration.
  • Recitation: Mishary Rashid Alafasy, via QuranicAudio.com and EveryAyah.com.
  • Word by word: recordings and meanings from Quran.com (Quran Foundation), played when you tap a word.
  • Madinah and IndoPak fonts (Settings): the text in those scripts and their fonts come from the Quran Foundation (Quran.com); the Madinah font is the King Fahd Glorious Quran Printing Complex's Uthmanic Hafs font.

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