سورة الفيل

सूरह फ़ील हिंदी में

हाथी

मुसहफ़

मिशारी राशिद अल-अफ़ासीMP3 डाउनलोड करें

सूरह फ़ील (الفيل) क़ुरआन की 105वीं सूरह है और इसमें 5 आयतें हैं। इसके नाम का मतलब "हाथी" है। यह मक्की सूरह है और पारा 30 में है।

इस पन्ने पर आप सूरह फ़ील का पूरा अरबी पाठ मौलाना अज़ीज़ुल हक़ उमरी के हिंदी तर्जुमे और रोमन उच्चारण के साथ आयत-दर-आयत पढ़ सकते हैं और तिलावत सुन सकते हैं।

मुकम्मल सूरह फ़ील: अरबी, हिंदी तर्जुमा और रोमन उच्चारण

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

  1. أَلَمْ تَرَ كَيْفَ فَعَلَ رَبُّكَ بِأَصْحَـٰبِ ٱلْفِيلِ۝١

    Alam tara kayfa faʿala rabbuka biashabi alfeeli

    क्या तुमने नहीं देखा कि तुम्हारे पालनहार ने हाथी वालों के साथ किस तरह किया?

  2. أَلَمْ يَجْعَلْ كَيْدَهُمْ فِى تَضْلِيلٍ۝٢

    Alam yajʿal kaydahum fee tadleelin

    क्या उसने उनकी चाल को विफल नहीं कर दिया?

  3. وَأَرْسَلَ عَلَيْهِمْ طَيْرًا أَبَابِيلَ۝٣

    Waarsala ʿalayhim tayran ababeela

    और उनपर झुंड के झुंड पक्षी भेजे।

  4. تَرْمِيهِم بِحِجَارَةٍ مِّن سِجِّيلٍ۝٤

    Tarmeehim bihijaratin min sijjeelin

    जो उनपर पकी हुई मिट्टी (खंगर) की कंकड़ियाँ फेंक रहे थे।

  5. فَجَعَلَهُمْ كَعَصْفٍ مَّأْكُولٍۭ۝٥

    Fajaʿalahum kaʿasfin makoolin

    तो उसने उन्हें खाए हुए भूसे की तरह कर दिया।1

    टिप्पणियाँ
    [1] (1-5) इस सूरत का लक्ष्य यह बताना है कि काबा को आक्रमण से बचाने के लिए तुम्हारे देवी-देवता कुछ काम न आए। क़ुरैश के प्रमुखों ने अल्लाह ही से दुआ की थी और उनपर इसका इतना प्रभाव पड़ा था कि कई वर्षों तक साधारण नागरिकों तक ने भी अल्लाह के सिवा किसी की पूजा नहीं की थी। यह बात नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की पैदाइश से कुछ पहले की थी और वहाँ बहुत सारे लोग अभी जीवित थे जिन्होंने यह चित्र अपने नेत्रों से देखा था। अतः उनसे यह कहा जा रहा है कि मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जो आमंत्रण दे रहे हैं वह यही तो है कि अल्लाह के सिवाय किसी की पूजा न की जाए, और इसको दबाने का परिणाम वही हो सकता है जो हाथी वालों का हुआ। (इब्ने कसीर)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सूरह फ़ील के नाम का मतलब क्या है?

फ़ील का मतलब "हाथी" है।

सूरह फ़ील किस पारे में है?

सूरह फ़ील पारा 30 में है।

सूरह फ़ील में कितनी आयतें हैं?

सूरह फ़ील में 5 आयतें हैं।

सूरह फ़ील मक्की है या मदनी?

सूरह फ़ील मक्की सूरह है।

सूरह फ़ील क़ुरआन की कौन-सी सूरह है?

यह क़ुरआन की 105वीं सूरह है।

स्रोत

  • Arabic text: Tanzil Quran Text (Uthmani) (Tanzil Project, CC BY 3.0), reproduced without changes.
  • Translation: Azizul Haq Al-Omari, from QuranEnc.com, version 1.1.5, reproduced without changes.
  • Transliteration: Tanzil.net English transliteration.
  • Recitation: Mishary Rashid Alafasy, via QuranicAudio.com and EveryAyah.com.
  • Word by word: recordings and meanings from Quran.com (Quran Foundation), played when you tap a word.
  • Madinah and IndoPak fonts (Settings): the text in those scripts and their fonts come from the Quran Foundation (Quran.com); the Madinah font is the King Fahd Glorious Quran Printing Complex's Uthmanic Hafs font.

Found a mistake? Report a mistake and we will check it against the source.

पढ़ने की सेटिंग्स

क़ुरआन का फ़ॉन्ट
अरबी का साइज़
100%
तर्जुमे का साइज़
100%
थीम