سورة القارعة
सूरह क़ारिआ हिंदी में
खड़खड़ाने वाली
- 101
- 11 आयतें
- मक्की
- पारा 30
- पन्ना 600
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सूरह क़ारिआ (القارعة) क़ुरआन की 101वीं सूरह है और इसमें 11 आयतें हैं। इसके नाम का मतलब "खड़खड़ाने वाली" है। यह मक्की सूरह है और पारा 30 में है।
इस पन्ने पर आप सूरह क़ारिआ का पूरा अरबी पाठ मौलाना अज़ीज़ुल हक़ उमरी के हिंदी तर्जुमे और रोमन उच्चारण के साथ आयत-दर-आयत पढ़ सकते हैं और तिलावत सुन सकते हैं।
मुकम्मल सूरह क़ारिआ: अरबी, हिंदी तर्जुमा और रोमन उच्चारण
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
-
ٱلْقَارِعَةُ١
Alqariʿatu
वह खड़खड़ा देने वाली।
-
مَا ٱلْقَارِعَةُ٢
Ma alqariʿatu
क्या है वह खड़खड़ा देने वाली?
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وَمَآ أَدْرَىٰكَ مَا ٱلْقَارِعَةُ٣
Wama adraka ma alqariʿatu
और तुम क्या जानो कि वह खड़खड़ा देने वाली क्या है?1
टिप्पणियाँ
[1] 'क़ारिअह' प्रलय ही का एक नाम है जो उसके समय की घोर दशा का चित्रण करता है। इसका शाब्दिक अर्थ द्वार खटखटाना है। जब कोई अतिथि अकस्मात रात में आता है तो उसे दरवाज़ा खटखटाने की आवश्यकता होती है। जिससे एक तो यह ज्ञात हुआ कि प्रलय अकस्मात होगी। और दूसरा यह ज्ञात हुआ कि वह कड़ी ध्वनि और भारी उथल-पुथल के साथ आएगी। इसे प्रश्नवाचक वाक्यों में दोहराना सावधान करने और उसकी गंभीरता को प्रस्तुत करने के लिए है। -
يَوْمَ يَكُونُ ٱلنَّاسُ كَٱلْفَرَاشِ ٱلْمَبْثُوثِ٤
Yawma yakoonu alnnasu kaalfarashi almabthoothi
जिस दिन लोग बिखरे हुए पतिंगों की तरह हो जाएँगे।
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وَتَكُونُ ٱلْجِبَالُ كَٱلْعِهْنِ ٱلْمَنفُوشِ٥
Watakoonu aljibalu kaalʿihni almanfooshi
और पर्वत धुने हुए रंगीन ऊन की तरह हो जाएँगे।2
टिप्पणियाँ
[2] (4-5) इन दोनों आयतों में उस स्थिति को दर्शाया गया है जो उस समय लोगों और पर्वतों की होगी। -
فَأَمَّا مَن ثَقُلَتْ مَوَٰزِينُهُۥ٦
Faamma man thaqulat mawazeenuhu
तो जिसके पलड़े भारी हो गए,
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فَهُوَ فِى عِيشَةٍ رَّاضِيَةٍ٧
Fahuwa fee ʿeeshatin radiyatin
तो वह संतोषजनक जीवन में होगा।
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وَأَمَّا مَنْ خَفَّتْ مَوَٰزِينُهُۥ٨
Waamma man khaffat mawazeenuhu
तथा जिसके पलड़े हल्के हो गए,
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فَأُمُّهُۥ هَاوِيَةٌ٩
Faommuhu hawiyatun
उसका ठिकाना 'हाविया' (गड्ढा) है।
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وَمَآ أَدْرَىٰكَ مَا هِيَهْ١٠
Wama adraka ma hiyah
और तुम क्या जानो कि वह ('हाविया') क्या है?
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نَارٌ حَامِيَةٌۢ١١
Narun hamiyatun
वह एक बहुत गर्म आग है।3
टिप्पणियाँ
[3] (6-11) इन आयतों में यह बताया गया है कि प्रलय क्यों होगी? इसलिए कि इस संसार में जिसने भले बुरे कर्म किए हैं उनका प्रतिकार कर्मों के आधार पर दिया जाए, जिसका परिणाम यह होगा कि जिसने सत्य विश्वास के साथ सत्कर्म किया होगा, वह सुख का भागी होगा। और जिसने निर्मल परंपरागत रीतियों को मानकर कर्म किया होगा, वह नरक में झोंक दिया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सूरह क़ारिआ के नाम का मतलब क्या है?
क़ारिआ का मतलब "खड़खड़ाने वाली" है।
सूरह क़ारिआ किस पारे में है?
सूरह क़ारिआ पारा 30 में है।
सूरह क़ारिआ में कितनी आयतें हैं?
सूरह क़ारिआ में 11 आयतें हैं।
सूरह क़ारिआ मक्की है या मदनी?
सूरह क़ारिआ मक्की सूरह है।
सूरह क़ारिआ क़ुरआन की कौन-सी सूरह है?
यह क़ुरआन की 101वीं सूरह है।
स्रोत
- Arabic text: Tanzil Quran Text (Uthmani) (Tanzil Project, CC BY 3.0), reproduced without changes.
- Translation: Azizul Haq Al-Omari, from QuranEnc.com, version 1.1.5, reproduced without changes.
- Transliteration: Tanzil.net English transliteration.
- Recitation: Mishary Rashid Alafasy, via QuranicAudio.com and EveryAyah.com.
- Word by word: recordings and meanings from Quran.com (Quran Foundation), played when you tap a word.
- Madinah and IndoPak fonts (Settings): the text in those scripts and their fonts come from the Quran Foundation (Quran.com); the Madinah font is the King Fahd Glorious Quran Printing Complex's Uthmanic Hafs font.
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