سورة الزلزلة

सूरह ज़िलज़ाल हिंदी में

ज़लज़ला

मुसहफ़

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सूरह ज़िलज़ाल (الزلزلة) क़ुरआन की 99वीं सूरह है और इसमें 8 आयतें हैं। इसके नाम का मतलब "ज़लज़ला" है। यह मदनी सूरह है और पारा 30 में है।

इस पन्ने पर आप सूरह ज़िलज़ाल का पूरा अरबी पाठ मौलाना अज़ीज़ुल हक़ उमरी के हिंदी तर्जुमे और रोमन उच्चारण के साथ आयत-दर-आयत पढ़ सकते हैं और तिलावत सुन सकते हैं।

मुकम्मल सूरह ज़िलज़ाल: अरबी, हिंदी तर्जुमा और रोमन उच्चारण

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

  1. إِذَا زُلْزِلَتِ ٱلْأَرْضُ زِلْزَالَهَا۝١

    Itha zulzilati alardu zilzalaha

    जब धरती को पूरी तरह झंझोड़ दिया जाएगा।

  2. وَأَخْرَجَتِ ٱلْأَرْضُ أَثْقَالَهَا۝٢

    Waakhrajati alardu athqalaha

    तथा धरती अपने बोझ बाहर निकाल देगी।

  3. وَقَالَ ٱلْإِنسَـٰنُ مَا لَهَا۝٣

    Waqala alinsanu ma laha

    और इनसान कहेगा कि इसे क्या हो गया?

  4. يَوْمَئِذٍ تُحَدِّثُ أَخْبَارَهَا۝٤

    Yawmaithin tuhaddithu akhbaraha

    उस दिन वह अपनी खबरें बयान करेगी।

  5. بِأَنَّ رَبَّكَ أَوْحَىٰ لَهَا۝٥

    Bianna rabbaka awha laha

    क्योंकि तेरे पालनहार ने उसे इसका आदेश दिया होगा।

  6. يَوْمَئِذٍ يَصْدُرُ ٱلنَّاسُ أَشْتَاتًا لِّيُرَوْا۟ أَعْمَـٰلَهُمْ۝٦

    Yawmaithin yasduru alnnasu ashtatan liyuraw aʿmalahum

    उस दिन लोग अलग-अलग होकर लौटेंगे, ताकि उन्हें उनके कर्म दिखाए जाएँ।1

    टिप्पणियाँ
    [1] (1-6) इन आयतों में बताया गया है कि जब प्रलय (क़ियामत) का भूकंप आएगा, तो धरती के भीतर जो कुछ भी है, सब उगल कर बाहर फेंक देगी। यह सब कुछ ऐसे होगा कि जीवित होने के पश्चात् सभी को आश्चर्य होगा कि यह क्या हो रहा है? उस दिन यह निर्जीव धरती प्रत्येक व्यक्ति के कर्मों की गवाही देगी कि किसने क्या-क्या कर्म किए हैं। यद्पि अल्लाह सबके कर्मों को जानता है, फिर भी उसका निर्णय गवाहियों से प्रमाणित करके होगा।
  7. فَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍ خَيْرًا يَرَهُۥ۝٧

    Faman yaʿmal mithqala tharratin khayran yarahu

    तो जिसने एक कण के बराबर भी नेकी की होगी, उसे देख लेगा।

  8. وَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍ شَرًّا يَرَهُۥ۝٨

    Waman yaʿmal mithqala tharratin sharran yarahu

    और जिसने एक कण के बराबर भी बुराई की होगी, उसे देख लेगा।2

    टिप्पणियाँ
    [2] (7-8) इन आयतों का अर्थ यह है कि प्रत्येक व्यक्ति अकेला आएगा, परिवार और साथी सब बिखर जाएँगे। दूसरा अर्थ यह भी हो सकता है कि इस संसार में जो किसी भी युग में मरे थे सभी दलों में चले आ रहे होंगे, और सबको अपने किए हुए कर्म दिखाए जाएँगे। और कर्मानुसार पुण्य और पाप का बदला दिया जाएगा। और किसी का पुणय और पाप छिपा नहीं रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सूरह ज़िलज़ाल के नाम का मतलब क्या है?

ज़िलज़ाल का मतलब "ज़लज़ला" है।

सूरह ज़िलज़ाल किस पारे में है?

सूरह ज़िलज़ाल पारा 30 में है।

सूरह ज़िलज़ाल में कितनी आयतें हैं?

सूरह ज़िलज़ाल में 8 आयतें हैं।

सूरह ज़िलज़ाल मक्की है या मदनी?

सूरह ज़िलज़ाल मदनी सूरह है।

सूरह ज़िलज़ाल क़ुरआन की कौन-सी सूरह है?

यह क़ुरआन की 99वीं सूरह है।

स्रोत

  • Arabic text: Tanzil Quran Text (Uthmani) (Tanzil Project, CC BY 3.0), reproduced without changes.
  • Translation: Azizul Haq Al-Omari, from QuranEnc.com, version 1.1.5, reproduced without changes.
  • Transliteration: Tanzil.net English transliteration.
  • Recitation: Mishary Rashid Alafasy, via QuranicAudio.com and EveryAyah.com.
  • Word by word: recordings and meanings from Quran.com (Quran Foundation), played when you tap a word.
  • Madinah and IndoPak fonts (Settings): the text in those scripts and their fonts come from the Quran Foundation (Quran.com); the Madinah font is the King Fahd Glorious Quran Printing Complex's Uthmanic Hafs font.

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