سورة التكاثر

सूरह तकासुर हिंदी में

ज़्यादा पाने की होड़

मुसहफ़

मिशारी राशिद अल-अफ़ासीMP3 डाउनलोड करें

सूरह तकासुर (التكاثر) क़ुरआन की 102वीं सूरह है और इसमें 8 आयतें हैं। इसके नाम का मतलब "ज़्यादा पाने की होड़" है। यह मक्की सूरह है और पारा 30 में है।

इस पन्ने पर आप सूरह तकासुर का पूरा अरबी पाठ मौलाना अज़ीज़ुल हक़ उमरी के हिंदी तर्जुमे और रोमन उच्चारण के साथ आयत-दर-आयत पढ़ सकते हैं और तिलावत सुन सकते हैं।

मुकम्मल सूरह तकासुर: अरबी, हिंदी तर्जुमा और रोमन उच्चारण

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

  1. أَلْهَىٰكُمُ ٱلتَّكَاثُرُ۝١

    Alhakumu alttakathuru

    तुम्हें (धन, संतान की) बहुतायत पर गर्व ने ग़ाफ़िल कर दिया।

  2. حَتَّىٰ زُرْتُمُ ٱلْمَقَابِرَ۝٢

    Hatta zurtumu almaqabira

    यहाँ तक कि तुम क़ब्रिस्तान जा पहुँचे।1

    टिप्पणियाँ
    [1] (1-2) इन दोनों आयतों में उनको सावधान किया गया है, जो सांसारिक धन ही को सब कुछ समझते हैं और उसे अधिकाधिक प्राप्त करने की धुन उनपर ऐसी सवार है कि मौत के पार क्या होगा, इसे सोचते ही नहीं। कुछ तो धन की देवी बनाकर उसे पूजते हैं।
  3. كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُونَ۝٣

    Kalla sawfa taʿlamoona

    कदापि नहीं, तुम शीघ्र ही जान लोगे।

  4. ثُمَّ كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُونَ۝٤

    Thumma kalla sawfa taʿlamoona

    फिर कदापि नहीं, तुम शीघ्र ही जान लोगे।

  5. كَلَّا لَوْ تَعْلَمُونَ عِلْمَ ٱلْيَقِينِ۝٥

    Kalla law taʿlamoona ʿilma alyaqeeni

    कदापि नहीं, यदि तुम निश्चित ज्ञान के साथ जान लेते (तो ऐसा न करते)।2

    टिप्पणियाँ
    [2] (3-5) इन आयतों में सावधान किया गया है कि मौत के पार क्या है? उन्हें आँख बंद करते ही इसका ज्ञान हो जाएगा। यदि आज तुम्हें इस का विश्वास होता, तो अपने भविष्य की ओर से निश्चिन्त न होते। और तुम पर धन प्राप्ति की धुन इतनी सवार न होती।
  6. لَتَرَوُنَّ ٱلْجَحِيمَ۝٦

    Latarawunna aljaheema

    निश्चय तुम अवश्य जहन्नम को देखोगे।

  7. ثُمَّ لَتَرَوُنَّهَا عَيْنَ ٱلْيَقِينِ۝٧

    Thumma latarawunnaha ʿayna alyaqeeni

    फिर निश्चय तुम उसे अवश्य विश्वास की आँख से देखोगे।

  8. ثُمَّ لَتُسْـَٔلُنَّ يَوْمَئِذٍ عَنِ ٱلنَّعِيمِ۝٨

    Thumma latusalunna yawmaithin ʿani alnnaʿeemi

    फिर निश्चय तुम उस दिन नेमतों के बारे में अवश्य पूछे जाओगे।3

    टिप्पणियाँ
    [3] (6-8) इन आयतों में सूचित किया गया है कि तुम नरक के होने का विश्वास करो या न करो, वह दिन आकर रहेगा जब तुम उसको अपनी आँखों से देख लोगे। उस समय तुम्हें इसका पूरा विश्वास हो जाएगा। परंतु वह दिन कर्म का नहीं ह़िसाब देने का दिन होगा। और तुम्हें प्रत्येक अनुकंपा (नेमत) के बारे में अल्लाह के सामने जवाबदेही करनी होगी। (अह़्सनुल बयान)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सूरह तकासुर के नाम का मतलब क्या है?

तकासुर का मतलब "ज़्यादा पाने की होड़" है।

सूरह तकासुर किस पारे में है?

सूरह तकासुर पारा 30 में है।

सूरह तकासुर में कितनी आयतें हैं?

सूरह तकासुर में 8 आयतें हैं।

सूरह तकासुर मक्की है या मदनी?

सूरह तकासुर मक्की सूरह है।

सूरह तकासुर क़ुरआन की कौन-सी सूरह है?

यह क़ुरआन की 102वीं सूरह है।

स्रोत

  • Arabic text: Tanzil Quran Text (Uthmani) (Tanzil Project, CC BY 3.0), reproduced without changes.
  • Translation: Azizul Haq Al-Omari, from QuranEnc.com, version 1.1.5, reproduced without changes.
  • Transliteration: Tanzil.net English transliteration.
  • Recitation: Mishary Rashid Alafasy, via QuranicAudio.com and EveryAyah.com.
  • Word by word: recordings and meanings from Quran.com (Quran Foundation), played when you tap a word.
  • Madinah and IndoPak fonts (Settings): the text in those scripts and their fonts come from the Quran Foundation (Quran.com); the Madinah font is the King Fahd Glorious Quran Printing Complex's Uthmanic Hafs font.

Found a mistake? Report a mistake and we will check it against the source.

पढ़ने की सेटिंग्स

क़ुरआन का फ़ॉन्ट
अरबी का साइज़
100%
तर्जुमे का साइज़
100%
थीम