سورة الشرح
सूरह अलम नशरह हिंदी में
राहत
- 94
- 8 आयतें
- मक्की
- पारा 30
- पन्ना 596
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सूरह अलम नशरह (الشرح) क़ुरआन की 94वीं सूरह है और इसमें 8 आयतें हैं। इसके नाम का मतलब "राहत" है। यह मक्की सूरह है और पारा 30 में है।
इस पन्ने पर आप सूरह अलम नशरह का पूरा अरबी पाठ मौलाना अज़ीज़ुल हक़ उमरी के हिंदी तर्जुमे और रोमन उच्चारण के साथ आयत-दर-आयत पढ़ सकते हैं और तिलावत सुन सकते हैं।
मुकम्मल सूरह अलम नशरह: अरबी, हिंदी तर्जुमा और रोमन उच्चारण
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
-
أَلَمْ نَشْرَحْ لَكَ صَدْرَكَ١
Alam nashrah laka sadraka
(ऐ नबी!) क्या हमने तुम्हारे लिए तुम्हारा सीना नहीं खोल दिया?
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وَوَضَعْنَا عَنكَ وِزْرَكَ٢
Wawadaʿna ʿanka wizraka
और हमने आपसे आपका बोझ उतार दिया।
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ٱلَّذِىٓ أَنقَضَ ظَهْرَكَ٣
Allathee anqada thahraka
जिसने आपकी कमर तोड़ दी थी।
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وَرَفَعْنَا لَكَ ذِكْرَكَ٤
Warafaʿna laka thikraka
और हमने आपके लिए आपका ज़िक्र ऊँचा कर दिया।1
टिप्पणियाँ
[1] (1-4) इनका भावार्थ यह है कि हमने आपपर तीन ऐसे उपकार किए हैं जिनके होते आपको निराश होने की आवश्यक्ता नहीं। एक यह कि आपके सीने को खोल दिया, अर्थात आपमें स्थितियों का सामना करने का साहस पैदा कर दिया। दूसरा यह कि नबी होने से पहले जो आपके दिल में अपनी जाति की मूर्तिपूजा और सामाजिक अन्याय को देखकर चिंता और शोक का बोझ था जिसके कारण आप दुःखित रहा करते थे। इस्लाम का सत्य मार्ग दिखाकर उस बोझ को उतार दिया। क्योंकि यही चिंता आपकी कमर तोड़ रही थी। और तीसरा विशेष उपकार यह कि आपका नाम ऊँचा कर दिया। जिससे अधिक तो क्या आपके बराबर भी किसी का नाम इस संसार में नहीं लिया जा रहा है। यह भविष्यवाणी क़ुरआन शरीफ़ ने उस समय की जब एव व्यक्ति का विरोध उसकी पूरी जाति और समाज तथा उसका परिवार तक कर रहा था। और यह सोचा भी नहीं जा सकता था कि वह इतना बड़ा विश्व-विख्यात व्यक्ति हो सकता है। परंतु समस्त मानव संसार क़ुरआन की इस भविष्यवाणी के सत्य होने का साक्षी है। और इस संसार का कोई क्षण ऐसा नहीं गुज़रता जब इस संसार के किसी देश और क्षेत्र में अज़ानों में "अश्हदु अन्न मुह़म्मदर्-रसूलुल्लाह" की आवाज़ न गूँज रही हो। इसके सिवा भी पूरे विश्व में जितना आपका नाम लिया जा रहा है और जितना क़ुरआन का अध्ययन किया जा रहा है वह किसी व्यक्ति और किसी धर्म पुस्तक को प्राप्त नहीं, और यही अंतिम नबी और क़ुरआन के सत्य होने का साक्ष्य है। जिसपर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। -
فَإِنَّ مَعَ ٱلْعُسْرِ يُسْرًا٥
Fainna maʿa alʿusri yusran
निःसंदेह हर कठिनाई के साथ एक आसानी है।
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إِنَّ مَعَ ٱلْعُسْرِ يُسْرًا٦
Inna maʿa alʿusri yusran
निःसंदेह (उस) कठिनाई के साथ एक (और) आसानी है।2
टिप्पणियाँ
[2] (5-6) इन आयतों में विश्व का पालनहार अपने बंदे (मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को विश्वास दिला रहा है कि उलझनों का यह समय देर तक नहीं रहेगा। इसी के साथ सरलता तथा सुविधा का समय भी लगा आ रहा है। अर्थात आपका आगामी युग, बीते युग से उत्तम होगा, जैसा कि "सूरतुज़-ज़ुह़ा" में कहा गया है। -
فَإِذَا فَرَغْتَ فَٱنصَبْ٧
Faitha faraghta fainsab
अतः, जब आप फ़ारिग़ हो जाएँ, तो परिश्रम करें।
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وَإِلَىٰ رَبِّكَ فَٱرْغَب٨
Waila rabbika fairghab
और अपने पालनहार की ओर अपना ध्यान लगाएँ।3
टिप्पणियाँ
[3] (7-8) इन अंतिम आयतों में आपको निर्देश दिया गया है कि जब अवसर मिले, तो अल्लाह की उपासना में लग जाओ, और उसी में ध्यान मग्न हो जाओ, यही सफलता का मार्ग है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सूरह अलम नशरह के नाम का मतलब क्या है?
अलम नशरह का मतलब "राहत" है।
सूरह अलम नशरह किस पारे में है?
सूरह अलम नशरह पारा 30 में है।
सूरह अलम नशरह में कितनी आयतें हैं?
सूरह अलम नशरह में 8 आयतें हैं।
सूरह अलम नशरह मक्की है या मदनी?
सूरह अलम नशरह मक्की सूरह है।
सूरह अलम नशरह क़ुरआन की कौन-सी सूरह है?
यह क़ुरआन की 94वीं सूरह है।
स्रोत
- Arabic text: Tanzil Quran Text (Uthmani) (Tanzil Project, CC BY 3.0), reproduced without changes.
- Translation: Azizul Haq Al-Omari, from QuranEnc.com, version 1.1.5, reproduced without changes.
- Transliteration: Tanzil.net English transliteration.
- Recitation: Mishary Rashid Alafasy, via QuranicAudio.com and EveryAyah.com.
- Word by word: recordings and meanings from Quran.com (Quran Foundation), played when you tap a word.
- Madinah and IndoPak fonts (Settings): the text in those scripts and their fonts come from the Quran Foundation (Quran.com); the Madinah font is the King Fahd Glorious Quran Printing Complex's Uthmanic Hafs font.
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